PM Vishwakarma Yojana _ पात्रता, ₹15,000 सहायता और आवेदन
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PM Vishwakarma Yojana 2026: क्या है, पात्रता, ₹15,000 टूलकिट सहायता और आवेदन प्रक्रिया

PM Vishwakarma Yojana भारत सरकार की केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे 17 सितंबर 2023 को पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देने के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, रियायती ब्याज दर पर ऋण और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहायता देना है। योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।

PM Vishwakarma

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता, प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड और शर्तों के अनुसार कुल ₹3 लाख तक का बिना गारंटी वाला व्यवसाय ऋण मिल सकता है। ध्यान दें कि ₹3 लाख की राशि ऋण है, मुफ्त अनुदान नहीं।

PM Vishwakarma Yojana का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जोड़कर कारीगरों की आमदनी तथा व्यवसाय के अवसर बढ़ाना है।

योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • कारीगरों की पहचान: पात्र कारीगरों को PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र देना।
  • कौशल विकास: पारंपरिक हुनर को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण देना।
  • आधुनिक औजार: बेहतर उपकरण खरीदने के लिए टूलकिट प्रोत्साहन उपलब्ध कराना।
  • व्यवसाय के लिए ऋण: बिना गारंटी के निर्धारित शर्तों पर रियायती ब्याज दर से ऋण उपलब्ध कराना।
  • डिजिटल लेनदेन: पात्र डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन देना।
  • बाजार तक पहुंच: ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणन और ई-कॉमर्स जैसे माध्यमों से उत्पादों की बिक्री के अवसर बढ़ाना।

PM Vishwakarma Yojana में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

योजना में सहायता अलग-अलग घटकों के माध्यम से दी जाती है। प्रत्येक लाभ के लिए संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

सहायता का प्रकारराशि या लाभ
टूलकिट प्रोत्साहन₹15,000 तक
प्रशिक्षण स्टाइपेंड₹500 प्रतिदिन
पहला व्यवसाय ऋण₹1 लाख तक
दूसरा व्यवसाय ऋण₹2 लाख तक
कुल ऋण सहायता₹3 लाख तक
ऋण पर लाभार्थी ब्याज दर5%
डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहनपात्र लेनदेन पर ₹1, अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह

महत्वपूर्ण: टूलकिट प्रोत्साहन सामान्य नकद अनुदान की तरह इस्तेमाल करने के लिए नहीं है। इसे निर्धारित ई-वाउचर व्यवस्था के माध्यम से औजार खरीदने के लिए दिया जाता है। इसी तरह ऋण की मंजूरी और दूसरी किस्त का लाभ योजना की शर्तों तथा संबंधित ऋणदाता के निर्णय पर निर्भर करता है।

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Note

PM Vishwakarma Yojana में किन 18 व्यवसायों को लाभ मिल सकता है?

यह योजना सभी प्रकार के व्यवसायों के लिए नहीं है। इसमें निर्धारित 18 पारंपरिक व्यवसायों में काम करने वाले पात्र कारीगर और शिल्पकार शामिल हैं।

  1. बढ़ई (Carpenter)
  2. नाव बनाने वाले (Boat Maker)
  3. कवच बनाने वाले (Armourer)
  4. लोहार (Blacksmith)
  5. हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाले
  6. ताला बनाने वाले (Locksmith)
  7. सुनार (Goldsmith)
  8. कुम्हार (Potter)
  9. मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाले और पत्थर तोड़ने वाले
  10. मोची और जूते बनाने वाले कारीगर
  11. राजमिस्त्री (Mason)
  12. टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाले तथा कॉयर बुनकर
  13. पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले
  14. नाई (Barber)
  15. माला बनाने वाले
  16. धोबी (Washerman)
  17. दर्जी (Tailor)
  18. मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले

केवल इन व्यवसायों में से किसी एक से संबंधित होना ही पर्याप्त नहीं है। आवेदक को योजना की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

PM Vishwakarma Yojana की पात्रता क्या है?

PM Vishwakarma Yojana के लिए आवेदन करने से पहले निम्नलिखित पात्रता शर्तों को समझना जरूरी है।

Eligibility Requirements:

  • आवेदक की उम्र पंजीकरण के दिन कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदक निर्धारित 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में हाथों और औजारों से काम करता हो।
  • वह असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर संबंधित काम कर रहा हो।
  • पंजीकरण के समय आवेदक उसी व्यवसाय में सक्रिय होना चाहिए।
  • एक परिवार से केवल एक सदस्य को योजना के लाभ के लिए पंजीकृत किया जा सकता है।
  • आवेदक ने पिछले पांच वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की संबंधित स्वरोजगार/व्यवसाय ऋण योजनाओं, जैसे PMEGP, PM SVANidhi या MUDRA, के अंतर्गत ऐसा ऋण नहीं लिया हो जो योजना के नियमों के अनुसार उसे अपात्र बनाता हो।
  • सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

यहां परिवार का अर्थ पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों से है। अंतिम पात्रता का निर्णय आधिकारिक सत्यापन के बाद होता है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

पंजीकरण के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित दस्तावेज या जानकारी की जरूरत होती है।

  • आधार कार्ड
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
  • बैंक खाते की जानकारी
  • राशन कार्ड

यदि आवेदक के पास राशन कार्ड नहीं है, तो परिवार के सदस्यों के आधार नंबर मांगे जा सकते हैं। यदि बैंक खाता नहीं है, तो CSC केंद्र के माध्यम से खाता खुलवाने में सहायता मिल सकती है।

सत्यापन के दौरान अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। इसलिए आवेदन के समय मूल दस्तावेज और सही जानकारी साथ रखें।

PM Vishwakarma Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?

पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक PM Vishwakarma पोर्टल और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से होती है। इसमें आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और कई स्तरों पर पात्रता जांच शामिल है।

स्टेप 1: नजदीकी CSC केंद्र पर जाएं

अपने क्षेत्र के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण और राशन कार्ड लेकर जाएं।

स्टेप 2: आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन

ऑपरेटर की सहायता से निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें और जरूरी जानकारी का सत्यापन कराएं।

स्टेप 3: आवेदन विवरण भरें

अपने पारंपरिक व्यवसाय, व्यक्तिगत विवरण और बैंक खाते की जानकारी सही-सही दर्ज कराएं। सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।

स्टेप 4: तीन चरणों का सत्यापन

आवेदन की जांच ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर, जिला कार्यान्वयन समिति और फिर स्क्रीनिंग समिति के स्तर पर की जाती है।

स्टेप 5: प्रशिक्षण और अन्य लाभ

पात्रता स्वीकृत होने के बाद प्रमाणपत्र और ID कार्ड जारी किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन और ऋण जैसे लाभ संबंधित शर्तों के अनुसार मिलते हैं।

आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट: pmvishwakarma.gov.in

पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी के लिए yojanas.com पर योजना का विवरण भी देख सकते हैं

PM Vishwakarma Yojana में प्रशिक्षण कैसे मिलता है?

योजना के तहत पात्र कारीगरों को पहले कौशल सत्यापन के बाद बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाता है। बुनियादी प्रशिक्षण सामान्यतः 5–7 दिन का होता है। इच्छुक और पात्र लाभार्थी उन्नत प्रशिक्षण भी ले सकते हैं, जो सामान्यतः 15 दिन या उससे अधिक का होता है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान निर्धारित शर्तों के अनुसार ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है।

प्रशिक्षण में बेहतर तकनीक, औजारों के इस्तेमाल, उत्पाद की गुणवत्ता और व्यवसाय संबंधी जानकारी पर ध्यान दिया जाता है।

PM Vishwakarma Yojana के ऋण की शर्तें

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को व्यवसाय विकसित करने के लिए बिना संपार्श्विक (Collateral) वाला ऋण दो चरणों में मिल सकता है:

  • पहला चरण: ₹1 लाख तक, सामान्यतः 18 महीने की पुनर्भुगतान अवधि के साथ।
  • दूसरा चरण: ₹2 लाख तक, सामान्यतः 30 महीने की पुनर्भुगतान अवधि के साथ।

लाभार्थी के लिए निर्धारित ब्याज दर 5% है। दूसरे चरण के ऋण के लिए पहले ऋण का संतोषजनक भुगतान और डिजिटल लेनदेन अपनाने या उन्नत प्रशिक्षण पूरा करने जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं। ऋण स्वीकृति संबंधित ऋणदाता और योजना के नियमों के अधीन है।

PM Vishwakarma Yojana में आवेदन शुल्क कितना है?

सरकारी योजना के अंतर्गत पंजीकरण और प्रमाणपत्र जारी करने के लिए लाभार्थी से कोई पंजीकरण शुल्क निर्धारित नहीं है। इसलिए किसी ऐसे व्यक्ति को पैसे न दें जो निश्चित मंजूरी, टूलकिट राशि या ऋण दिलाने की गारंटी देता हो।

महत्वपूर्ण नोट

यह लेख प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। Yojanas.com एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है और भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। योजना की पात्रता, दस्तावेज, पंजीकरण और लाभों की नवीनतम शर्तें जानने के लिए आधिकारिक PM Vishwakarma पोर्टल और संबंधित सरकारी दिशानिर्देश देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके माध्यम से 18 पारंपरिक व्यवसायों में काम करने वाले पात्र कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण और बाजार संबंधी सहायता दी जाती है।

PM Vishwakarma Yojana में ₹15,000 किस लिए मिलते हैं?

पात्र लाभार्थियों को आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन निर्धारित ई-वाउचर व्यवस्था के माध्यम से दिया जा सकता है।

क्या योजना में ₹3 लाख मुफ्त मिलते हैं?

नहीं। ₹3 लाख तक की राशि दो चरणों में मिलने वाला व्यवसाय ऋण है, जिसे निर्धारित शर्तों के अनुसार वापस चुकाना होता है।

प्रशिक्षण के दौरान कितना स्टाइपेंड मिलता है?

योजना के तहत निर्धारित प्रशिक्षण में भाग लेने वाले पात्र लाभार्थियों को ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है।

PM Vishwakarma Yojana में कौन आवेदन कर सकता है?

कम से कम 18 वर्ष का वह कारीगर या शिल्पकार आवेदन कर सकता है जो निर्धारित 18 पारंपरिक व्यवसायों में असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार करता हो और योजना की बाकी शर्तें पूरी करता हो।

आवेदन कहां किया जाता है?

पंजीकरण के लिए आधिकारिक PM Vishwakarma पोर्टल और नजदीकी CSC केंद्र की सहायता ली जा सकती है। आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है।

क्या एक परिवार के सभी सदस्य आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। योजना के नियमों के अनुसार एक परिवार से केवल एक सदस्य पंजीकरण और लाभ के लिए पात्र हो सकता है।

क्या योजना में आवेदन करने से ऋण मिलना तय है?

नहीं। पंजीकरण, सत्यापन, प्रशिक्षण और ऋण की मंजूरी अलग-अलग चरण हैं। ऋण संबंधित पात्रता और ऋणदाता के निर्णय के अधीन है।

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