इंदिरा रसोई योजना राजस्थान Jobs Salary

इंदिरा रसोई योजना राजस्थान Jobs Salary

इंदिरा रसोई योजना राजस्थान Jobs Salary -: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने अपने राज्य में “कोई भी भूख नहीं सोए” के संकल्प को साकार करने हेतु लोगों को दो वक्त का खाना खिलाने के लिए राजस्थान इंदिरा रसोई योजना को शुरू किया है। राजस्थान इंदिरा रसोई योजना को कोरोनावायरस संक्रमण के समय लोगों को आने वाली दैनिक खान-पीन की समस्या को देखते हुए 20 अगस्त 2020 को शुरू किया गया था। इस योजना के माध्यम से राजस्थान में गरीब लोगों को ₹8 में एक वक्त का ताजा और पौष्टिक खाना सम्मान पूर्वक एक जगह बैठाकर खिलाया जाता है। एक वक्त की थाली में ₹25 का खर्च आता है, जिसमें ₹17 राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाते हैं और ₹8 लाभार्थी से लिए जाते हैं। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में इंदिरा रसोई योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

इंदिरा रसोई योजना राजस्थान Jobs Salary
इंदिरा रसोई योजना राजस्थान Jobs Salary

राजस्थान इंदिरा रसोई योजना क्या है?

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने अपने यहां के लोगों को दो वक्त का भरपेट स्वादिष्ट खाना देने के लक्ष्य से राज्य के 213 नगरी निकायों में 358 रसोइयों के साथ राजस्थान इंदिरा रसोई योजना की शुरुआत की थी।18 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री जी ने जोधपुर में 512 में इंदिरा रसोइयों का शुभारंभ किया है। कुल मिलाकर इस समय संचालित इंदिरा रसोइयों की संख्या 870 हो गई है। इन इंदिरा रसोइयों का संचालन एनजीओ द्वारा किया जाता है। जिसके लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समन्वय और मॉनिटरिंग समिति द्वारा रसोई चलाने के लिए 300 से अधिक स्थानीय एनजीओ का चयन किया जाता है। अब तक इंदिरा रसोई योजना के तहत 7.01 करोड़ भोजन की थालियां पड़ोसी जा चुकी है, जो कि लक्ष्य का 72.32% है, लेकिन अब सरकार का इस योजना के माध्यम से प्रतिदिन 1.34 लाख लोगों और प्रतिवर्ष 4.87 करोड़ लोगों को भोजन की थाली परोसने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना का नामRajasthan Indira Rasoi Yojana
शुरू की गईमुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के द्वारा
कब शुरू की गई थी20 अगस्त 2020 को
लाभार्थीराज्य के गरीब जरूरतमंद लोग
उद्देश्यदो वक्त का स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मुहैया करवाना
भोजन की प्रति थालीकेवल ₹8 में

इस योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का एक ही उद्देश्य की राजस्थान में कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा नहीं सोए और सभी को भरपेट ताजा स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना मिले। क्योंकि इस बढ़ती हुई महंगाई के दौर में एक गरीब परिवार को अपना दो वक्त का खाना खाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो पैसे ना होने के कारण गरीबों को भूखा ही सोना पड़ जाता है, लेकिन जब से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के द्वारा इंदिरा रसोई योजना शुरू की गई है, तब से इसका लाभ उठाकर करोड़ों गरीब जरूरतमंद केवल ₹8 में एक वक्त का भरपेट ताजा खाना खा रहा है जो एक बहुत बड़ी सराहनीय बात है। इंदिरा रसोई योजना के माध्यम से कोरोनावायरस के दौरान जरूरतमंदों नागरिकों और रीट के अभ्यर्थियों को निशुल्क भोजन तक दिया गया है।

मात्र ₹8 में इंदिरा रसोई योजना के तहत एक वक्त का भोजन

प्रदेश के गरीब जरूरतमंद लोगों को राजस्थान इंदिरा रसोई योजना के माध्यम से दो समय दोपहर और रात का भोजन खिलाया जाता है। एक समय के भोजन के लिए लाभार्थी द्वारा ₹8 का भुगतान किया जाता है। वर्तमान समय में एक समय के भोजन में ₹25 का खर्च आता है, जिसमें ₹17 राज्य सरकार द्वारा खर्च किए जाते हैं। इससे पहले एक समय के भोजन में ₹20 का खर्च आता था जिसमें से ₹12 राज्य सरकार द्वारा और 8 रूपए लाभार्थी द्वारा दिए जाते थे। सामान्य तौर पर दोपहर का भोजन सुबह 8:30 से दोपहर 2:00 तक और रात का भोजन शाम 5:00 से 8:00 तक उपलब्ध करवाया जाता है। भोजन की थाली में 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी,250 ग्राम चपाती और आचार शामिल होता है।

इंदिरा रसोई योजना के तहत किया जाता है पेपरलेस काम

प्रदेश सरकार द्वारा इंदिरा रसोई योजना के तहत पेपर लेस काम किया जाता है, जिसके लिए इंदिरा रसोई योजना वेब पोर्टल को विकसित किया गया है। इस वेबसाइट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके लाभार्थियों के वास्तविक फोटो अपलोड किए जाते हैं। इसके अलावा लाभार्थियों के मोबाइल पर मैसेज और स्टेट कॉल सेंटर से लाभार्थियों से नियमित फीडबैक भी लिए जाते हैं। रसोई एजेंसी द्वारा आधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया से ऑनलाइन इन्वॉयस जेनरेशन और ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जाती है। सरकार ने नगर निकायों द्वारा भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के लिए हर महीने कम से कम दो बार इंदिरा रसोइयों का निरीक्षण करके निरीक्षण रिपोर्ट मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रेषित करने का भी प्रावधान किया है। राजस्थान इंदिरा रसोई योजना की आईटी आधारित प्रक्रिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेशनल ई-गवर्नेंस डिपार्टमेंट द्वारा भी बहुत सराहनीय की गई है।

इस योजना के क्या लाभ है?

  • इस योजना का लाभ राज्य के जरूरतमंद गरीब लोगों को दिया जाता है।
  • सरकार द्वारा इंदिरा रसोई योजना राजस्थान के द्वारा लोगों को स्वादिष्ट एवं ताजा खाना दो वक्त का भरपेट उपलब्ध करवाया जा रहा है।
  • इस खाने के लिए लाभार्थी को एक वक्त के भोजन के लिए केवल आठ रूपए का भुगतान करना होता है।
  • यानी इस योजना के माध्यम से ₹100 प्रतिदिन कमाने वाले व्यक्ति आराम से 16 रुपए में दो वक्त का भरपेट खाना खा सकता है।
  • यह योजना राज्य में जरूरतमंद लोगों को भरपेट खाना देकर उनके स्वास्थ्य को सुधारने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देगी।
  • इंदिरा रसोई योजना के माध्यम से हर दिन 1.34 लाख व्यक्तियों को और हर साल 4.87 करोड़ व्यक्तियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य को आवश्यकता अनुसार और भी बढ़ाया जा सकता है।

इस योजना के लिए पात्रता क्या है?

  • राजस्थान के स्थाई निवासी ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • गरीब और जरूरतमंद जिनकी आय बहुत ही कम है वही इस योजना के पात्र है।

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राजस्थान में इंदिरा रसोई योजना कब शुरू की गई?

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने “कोई भूखा ना सोए” के संकल्प के साथ 20 अगस्त 2020 में ₹8 प्रति प्लेट के हिसाब से खाना उपलब्ध कराने के लिए इंदिरा आवास योजना की शुरुआत की थी।

इंदिरा रसोई योजना का टाइम क्या है?

इंदिरा रसोई योजना में भोजन सुबह 8:30 से दोपहर 2:00 तक और रात्रि भोजन शाम 5:00 से रात 8:00 तक की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। स्थानीय लोगों को इंदिरा रसोई में भोजन करने के लिए अवश्य जाना चाहिए।

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